स्व. नानकी देवी हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के बंदला गाँव की निवासी थीं। उनका जन्म कोठीपुरा के निकट जनालू गाँव में हुआ था। उनका विवाह बंदला गाँव के स्व. नानकू राम ठाकुर के साथ हुआ था। उनकी छठी पीढ़ी पहले स्व. छज्जू राम हुए, इनके बाद पाँचवीं पीढ़ी में स्व. दल्लू राम हुए, चौथी पीढ़ी में स्व. रीडकू राम हुए, तीसरी पीढ़ी में स्व. लेहवा राम हुए। लेहवा राम के तीन पुत्र हुए- स्व. श्री तखुआ राम, स्व. श्री भील राम और स्व. श्री रणीया राम। स्व. रणीया राम का विवाह स्व. कानो देवी के साथ हुआ था। कानो देवी का नाम कुरुक्षेत्र में बिलासपुर के पंडा के पास मिलने वाले रिकॉर्ड में दर्ज है। वे लगभग 75 -80 वर्ष पहले अपने पति की परलोक गति हेतु पूजा कराने वहाँ गई थीं। दूसरी पीढ़ी में स्व. रणीया राम हुए। स्व. रणीया राम के पुत्र रूप में स्व. नानकु राम ठाकुर का जन्म हुआ। इनका विवाह जनालू गाँव की स्व. नानकी देवी के साथ हुआ था। इनके दो संताने हुईं। दौलत राम ठाकुर और रामकली देवी।
नानकी देवी निडर स्वभाव की महिला थी। उनका स्वभाव मर्दानी था। कई बार वे गाँव के पुरुषों से भी भीड़ जाती थीं। अपने पति नानकू राम के साथ खेतीबाड़ी और पशुपालन में सहयोग करती थीं। वे बहुत स्वादिष्ट भोजन बनाती थीं और लोक संगीत में माहिर थीं। वे देशी तम्बाकू वाला हुक्का (चाजरी) पीने की शौकीन थीं। वर्ष 1998 में उनका स्वर्गवास हुआ। पितृपक्ष में चौथी तिथि को इनका श्राद्ध आता है।
स्व. नानकू राम के पुत्र स्व. दौलत राम ठाकुर के पाँच बच्चे हुए। श्री रामलोक ठाकुर, श्री सुख राम ठाकुर, श्री राम पाल ठाकुर, श्रीमती सुनीता देवी और श्रीमती गोदावरी देवी।
स्व. नानकू राम से पीछे की पीढ़ियों का इतिहास उपलब्ध नहीं है। लेकिन स्व. छज्जू राम का नाम पता है। इनसे शुरू हुआ इस वंश की आठवीं पीढ़ी चल रही है और दसवीं पीढ़ी के बच्चे जन्म ले चुके हैं।
सन्दर्भ
यह प्रामाणिक जानकारी स्व. नानकी देवी के परिवारजनों ने उपलब्ध कराई है।
- जोड़ेश्वर महादेव, गाँव साई, नम्होल, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश - October 8, 2026
- स्व. उषा ठाकुर, गाँव बंदला, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश - October 8, 2026
- त्रिवेणी घाट, नम्होल, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश - October 7, 2026