जोड़ेश्वर महादेव, गाँव साई, नम्होल, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश

व्यासपीठ राजघाट, नम्होल से सिकरोहा की ओर जाते हुए लगभग 1 किलोमीटर आगे पांडव मंदिर स्थित है। पांडव मंदिर से लगभग 2 किलोमीटर आगे प्रकृति की गोद में बसा जोड़ नामक स्थान आता है। यहाँ भगवान शिव की सुंदर प्रतिमा और नंदी सहित शिवलिंग स्थापित है। भगवान शिव यहाँ जोड़ेश्वर महादेव के नाम से पूजे … Read more

स्व. उषा ठाकुर, गाँव बंदला, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश

उषा ठाकुर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के बंदला गाँव की निवासी थीं। उनका जन्म 3 अक्टूबर 1997 को हुआ था। उनके पिता स्व. राम पाल ठाकुर और माता श्रीमती सुनीता देवी हैं। अपने पाँच भाई-बहनों में उषा सबसे बड़ी थीं। उषा का बचपन बंदला गाँव में ही बीता और उनकी प्रारंभिक एवं स्कूली शिक्षा … Read more

त्रिवेणी घाट, नम्होल, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश

मनाली या धर्मशाला से शिमला की ओर जाते हुए नम्होल नामक स्थान पर स्थित व्यासपीठ राजघाट से सिकरोहा की ओर लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर पांडव मंदिर स्थित है। इसके बाद लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर जोड़ेश्वर महादेव का देवस्थल आता है। जोड़ेश्वर महादेव से लगभग तीन किलोमीटर आगे प्रकृति की गोद में … Read more

धूणी पंजैल: बाबा गंगागिरी की तपोस्थली और भगवान दावींनाथ महाराज का पवित्र धाम

व्यासपीठ राजघाट नम्होल से सिकरोहा की ओर जाने पर कुछ दूरी पर पांडव मंदिर स्थित है। पांडव मंदिर से आगे जोड़ नामक स्थान आता है, जहाँ जोड़ेश्वर महादेव का मंदिर है। जोड़ से लगभग तीन किलोमीटर आगे त्रिवेणी घाट और वहाँ से लगभग चार किलोमीटर आगे धूणी पंजैल गाँव आता है। धूणी पंजैल में सड़क … Read more

स्व. विजय राम ठाकुर, गाँव बंदला, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश

जब देश में अंग्रेजों का शासन था और हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में राजाओं का राज था, उस समय हिमाचल के गाँव अत्यंत निर्धन और अनेक बुनियादी सुविधाओं से वंचित थे। ऐसे समय में किसी व्यक्ति का कठिन परिस्थितियों के बीच शिक्षा प्राप्त करना अपने आप में असाधारण बात थी। इन्हीं परिस्थितियों में अपनी मेहनत … Read more

स्व. निर्मला देवी उपाख्य नीरो देवी, गाँव बंदला, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश

निर्मला देवी हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के बंदला गाँव की निवासी थीं। लोग उन्हें प्रेम से नीरो देवी नाम से बुलाते थे। उनका जन्म 15 अप्रैल 1969 को ब्रह्मपुखर के निकट बासला गाँव के श्री नत्थू राम और श्रीमती सुन्दरी देवी के घर में हुआ था और उनका बचपन वहीं बीता। उन्हें विद्यालय पढ़ने … Read more

सिद्धाश्रम बनाम कैलाश का ज्ञानगंज

वेद, उपनिषद्, रामायण, महाभारत, पुराण और योग-परंपरा के आलोक में एक शोधपूर्ण विश्लेषण “क्या हिमालय में सिद्धाश्रम अथवा ज्ञानगंज नामक कोई दिव्य एवं गुप्त आश्रम वास्तव में है ?”—यह प्रश्न भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में अत्यंत प्रसिद्ध है। अनेक आधुनिक पुस्तकों, साधु-संतों के संस्मरणों, वेबसाइटों और मौखिक परंपराओं में सिद्धाश्रम, ज्ञानगंज, शम्भला/शांगरी-ला को हिमालय या तिब्बत … Read more

स्व. राम पाल ठाकुर, गाँव बंदला, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश

राम पाल ठाकुर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के बंदला गाँव के निवासी थे। वे सरकारी ठेकेदार कृषक, पशुपालक और समाजसेवी व्यक्ति थे। बंदला गाँव में तारकेश्वर (ताडकेश्वर) महादेव मंदिर के निर्माण तथा वहाँ आयोजित प्रथम अतिरुद्र महायज्ञ और बाद में शुरू हुए मेले और छिंज के आयोजन में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही। वे ग्राम सुधार … Read more

स्व. दौलत राम ठाकुर, गाँव बंदला, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश

स्व. दौलत राम ठाकुर, गाँव बंदला, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश

दौलत राम ठाकुर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के बंदला गाँव के निवासी थे। वे कृषक, पशुपालक और पारंपरिक ग्रामीण कौशल में दक्ष व्यक्ति थे। उन्होंने अपने जीवन का अधिकांश समय खेती-बाड़ी, पशुपालन तथा सामाजिक कार्यों में बिताया। बंदला गाँव में तारकेश्वर (ताडकेश्वर) महादेव मंदिर के निर्माण तथा वहाँ आयोजित प्रथम अतिरुद्र महायज्ञ में भी … Read more

स्व. पार्वती देवी उपाख्य अनारकली देवी, गाँव बंदला, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश

स्व. पार्वती देवी जिन्हें प्यार से अनारकली के नाम से बुलाया जाता था, हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के बंदला गाँव के निवासी थीं। उनका जन्म नम्होल के पास स्थित दगसेच गाँव में हुआ था। छोटी आयु में ही उनका विवाह बंदला गाँव के नानकू राम और नानकी देवी के सुपुत्र दौलत राम ठाकुर के साथ हो गया। दोनों के … Read more