‘द जर्नी विदइन’:श्रीखंड कैलाश से आत्मबोध तक की यात्रा
यह पुस्तक उन पाठकों के लिए विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है जो तीर्थ को केवल परंपरा नहीं, बल्कि आत्म-परिवर्तन की प्रक्रिया के रूप में देखना चाहते हैं।
यह पुस्तक उन पाठकों के लिए विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है जो तीर्थ को केवल परंपरा नहीं, बल्कि आत्म-परिवर्तन की प्रक्रिया के रूप में देखना चाहते हैं।
मनोज सिंह जी द्वारा लिखित और प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक “वैदिक सनातन हिन्दुत्व” आज के समय की उन अत्यंत आवश्यक कृतियों में से एक है, जो सनातन धर्म को केवल धार्मिक पहचान तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उसके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वैचारिक आयामों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ पुनः स्पष्ट करती है। आधुनिक … Read more