वट सावित्री व्रत : अखंड सौभाग्य, नारी शक्ति और सनातन संस्कृति का महापर्व
इस दिन महिलाएँ अपना सोलह श्रृंगार करके वट वृक्ष अर्थात बरगद के पेड़ की पूजा विधि-विधान से करती हैं। साथ ही सावित्री माता और सत्यवान की कथा सुनती हैं।
इस दिन महिलाएँ अपना सोलह श्रृंगार करके वट वृक्ष अर्थात बरगद के पेड़ की पूजा विधि-विधान से करती हैं। साथ ही सावित्री माता और सत्यवान की कथा सुनती हैं।
संभाजी महाराज का जीवन राष्ट्रभक्ति, संघर्ष, साहस, विद्वता, बलिदान और युद्धकौशल का अद्भुत उदाहरण के रूप में देखा जाता है।
राष्ट्र सेविका समिति केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक आंदोलन है और यह आन्दोलन है नारी सशक्तिकरण का और नारी शक्ति को ‘मातृत्व’, ‘कर्तृत्व’ और ‘नेतृत्व’ के मार्ग पर अग्रसर रहकर उसकी वास्तविक पहचान दिलाने का।