राष्ट्र सेविका समिति की शाखा – व्यक्ति निर्माण का केंद्र
शाखा में हर बहन को अवसर मिलता है। आज एक अग्रेसरिका है, कल दूसरी गटनायिका है। यह अदल-बदल केवल व्यवस्था नहीं, यह नेतृत्व की पाठशाला है। शाखा शब्द सुनते ही मन में एक जीवंत चित्र उभरता है। जैसे वटवृक्ष की शाखा अपने मूल तने से रस लेकर नई कोंपलें फोड़ती है, जैसे ज्ञान की विभिन्न … Read more