महर्षि वाल्मीकि:  सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणा स्रोत

महर्षि वाल्मीकि जयंती हमें अपने सामाजिक दायित्वों पर विचार करने का अवसर प्रदान करती है। यह पर्व तभी सार्थक होगा, जब हम उनके जीवन और साहित्य से प्रेरणा लेकर अपने आचरण में सकारात्मक परिवर्तन लाएँ। भारतीय सनातन संस्कृति की समृद्ध ज्ञान परंपरा में ऐसे अनेक संत हुए जिन्होंने अपनी आध्यात्मिक और सांसारिक शिक्षाओं के माध्यम … Read more

राष्ट्र सेविका समिति की शाखा – व्यक्ति निर्माण का केंद्र

शाखा में हर बहन को अवसर मिलता है। आज एक अग्रेसरिका है, कल दूसरी गटनायिका है। यह अदल-बदल केवल व्यवस्था नहीं, यह नेतृत्व की पाठशाला है। शाखा शब्द सुनते ही मन में एक जीवंत चित्र उभरता है। जैसे वटवृक्ष की शाखा अपने मूल तने से रस लेकर नई कोंपलें फोड़ती है, जैसे ज्ञान की विभिन्न … Read more

संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

संघ की सौ वर्ष की यात्रा अनेक उतार-चढ़ावों, प्रतिबंधों और विभिन्न चुनौतियों से होकर गुजरी है। इसके बावजूद संघ अपने ध्येय से पीछे नहीं हटा और समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय रहा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी स्थापना के 101वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में संघ ने बड़े-बड़े कार्यक्रमों … Read more